Deepak Sukhadia

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2000 की तेरहवीं

जैसा की आप सभी को ज्ञात हैं हमारे प्रिय और कुछ लोगों के अत्यंत प्रिय आदरणीय 2000 को मात्र 6 साल और 6 महीने की अल्पायु में प्रकृति के क्रूर हाथों (u know whose hands I am talking about) ने हमसे छीन लिया. आज हम सब उनकी तेरहवीं मना रहे हैं.

एक अबोध बालक जिनका जन्म कठिन परिस्तिथियों में 8 नवम्बर 2016 को हुआ. प्रसव में जच्चा / माँ  (अर्थव्यवस्था) को बहुत दुःख झेलने पड़े. इनके जन्म लेते ही इनके बड़े भाई 1000 का आकस्मिक निधन हो गया. जिसकी पीड़ा उनकी माँ आज तक सहन कर रही है और यही कारण वह अपने माँ और बाप (u know who the big daddy is) के प्यार से वंचित ही रहे और अपने दुसरे छोटे भाइयों – 500, 200, 100, 50 व् 20 के जितना प्यार कभी न पा पाए.

जन्म पर अड़ोसी-पडोसिओं ने परिवार का मान और मन रखने के लिए इनकी बहुत तारीफ़ की. किसी न इन के अन्दर एक नए अंग होने की बात की कपोल कल्पना की तो किसी ने इनके गोरे रंग की तारीफ़ की और कहा की इनके जन्म से कुल में अब गोरे बच्चे ही जन्मेंगे.

लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था. एक बच्चे को माता-पिता पहले ही खू चुके थे और इसी कारण से दूसरों की काली नज़र से बचाने के लिए तीन साल की आयु तक आते -आते इनका घर से निकलना बंद ही हो गया था.

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फिर भी छुपते-छुपाते गाहे-बगाहे वह घर से निकल ही जाया करते थे. ज्यादा बड़े दिखने के कारण इनका बड़े कोठी – बंगलों वालों के साथ उठाना बैठना था. जिनके घर जाते सब उनको संजोये ही रखना चाहते थे. ज्यादा धार्मिक प्रवर्ती के ना होने के कारण पूजा घरों में बहुत कम ही देखे गए. शुरू से ही इन्होनें red flags ignore कर असामाजिक तत्वों के साथ मेल-जोल बड़ा लिया. इनके गोरे होने का गुमान भी धीरे-धीरे उतरता गया और काले सायों से घिर गया.

20 मई 2023 को जेठ महीने की तपती अमावस्या को प्रिय 2000 हमेशा काले अंधियारे में चले गए. सब कुछ इतना जल्दी हुआ की परिवार को संभलने का मौका ही नहीं मिला.

आज इनकी कमी पूरी करने की नाकाम कोशिश इनके अनुज 500 कर रहे हैं बाकी 4 भाई तो बहुत ही छोटे हैं कुछ भी करने के लिए. माँ भी अपना गुज़ारा और दुलार बाकी शेष बचे अपने लाडलों पर लुटा रही हैं और बाप का क्या है वह जानता है गलत हुआ है लेकिन फिर भी कैसे सब के सामने बोले. अकेले कमरे में आँखों में उठते तल्लियों को सख्त मन से बाँधने की कोशिश करते रहते हैं.

आप सभी महानुभावों से गुजारिश है की अपनी दुआओं में इनकी माँ को शक्ति और संबल प्रदान करने की कामना करें और साथ ही यह भी आगाह करना चाहता हूँ की इनकी कोई भी निशानी अपने पास ज्यादा पास न रखें और समय रहते दूर कर दें. क्योंकि इन के मोक्ष प्राप्ति के लिए बाधा रहेगी और आपके भी जीवन में रुकावट लाती रहेगी.

शोकाकुल,

10 का सिक्का

चचेरा भाई

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